Free Astrology

भाग्यवर्धक यन्त्र

श्री यन्त्र

Shree Yantraइस यन्त्र को धन वृद्धि, धन प्राप्ति, क़र्ज़ से सम्बंधित धन पाने के लिए उपयोग में लाया जाता है | इस यन्त्र की अचल प्रतिष्ठा होती है इस यन्त्र को व्यापार वृद्धि में रखा जाता है तथा जीवन भर लक्ष्मी के लिए दुखी नहीं होना पड़ता |

महामृत्युंजय यन्त्र

Maha Mrityunjay Yantra

यह सब औषधियों का स्वामी है तथा वैद्यो में सबसे बड़ा वैध है यह यन्त्र मानव जीवन के लिए अभेध्य कवच है बीमारी अवस्था में एवं दुर्घटना इत्यादि से मृत्यु के भय को यह यन्त्र नष्ट करता है इसे चल अचल दोनों तरह से प्रतिष्ठित कर सकते है |

कुबेर यन्त्र :-

Shree Kuber Yantra

इस यन्त्र की स्थापना के पश्चात दरिद्रता का नाश होकर धन व यश की प्राप्ति होती है स्वर्ण लाभ, रत्ना लाभ, गड़े हुए धन का लाभ एवं पैतृक सम्पति का लाभ चाहने वालो के लिए कुबेर यन्त्र अत्यंत सफलता दायक है | यह अनुभूत परीक्षित प्रयोग है इस यन्त्र की अचल प्रतिष्ठा होती है |

वाहन दुर्घटना नाशक मारुती यन्त्र :-

Vahan Durghatana Nashak Yantra

यह तो सभी को ज्ञात है की महाभारत में वीर अर्जुन के रथ के अग्र भाग पर हनुमान ध्वज ऐसा ही कोई यन्त्र रहा होगा जिसके कारण सम्पूर्ण युद्ध के दौरान अर्जुन का रथ जरा सा भी क्षत विक्षत नहीं हो पाया दुर्घटना नाशक इस शाबर यन्त्र का प्रयोग अमोध है नया वाहन खरीदते ही इसे अपने वाहन (स्कूटर, कार, बस, ट्रक) के अगले हिस्से में लगते है ताकि वायुपुत्र हनुमान की कृप्या से उनके वाहन अचानक दुर्घटना ग्रस्त न हो तथा आई विपत्ति टल जाए श्रेष्ठ चौघडिये में इस अभिमंत्रित यन्त्र को अपने वाहन पर लगावें एवं इसका चमत्कार देखे, यह बात पूर्णतः परिक्षित व सत्य है |




गायत्री यन्त्र

clip_image002

अनेक जन्मो के पाप नष्ट करने हेतु और दिव्य ज्ञान की प्राप्ति हेतु इस यन्त्र की अचल प्रतिष्ठा होती है | गायत्री यन्त्र पाप को नष्ट करने और पुण्य को उदय करने की अद्भुत शक्ति का पुंज कहा जाता हैIकठिन से कठिन कार्य को सदा सहज रूप में कर सकने का सामर्थ्य हमने गायत्री साधना से ही पाया है |

सरस्वती यन्त्र

clip_image002

देवी सरस्वती बुद्धि – विद्या की देवी है, आपकी बुद्धि प्रखर हो परीक्षा में सफलता मिले, शिक्षा में मन लगे इस उद्देश्य से सरस्वती यन्त्र को पूजा उपासना या धारण करना सर्वश्रेष्ठ है अतः शिक्षा क्षेत्र के लोगो को यह यन्त्र अत्यंत लाभकारी साबित हो सकता है | इस यन्त्र की चल प्रतिष्ठा उचित है |

वास्तु दोष निवारक यन्त्र

clip_image002

मंदिर, धर्मशाला, कंपनी, दूकान, मकान, यहाँ तक की मोटर गाडियों में भी वास्तु का निवास होता है किसी भी कारण से स्थान निर्माण में वास्तु दोष उत्पन्न होता है तो वास्तु देवता को प्रसन्न एवं संतुष्ट करने के लिए अनेक उपाय किये जाते है जिनमे वास्तु यन्त्र सरल एवं उपयोगी है इस यन्त्र को स्थापित करने से वास्तु दोष का निवारण होता है तथा उस स्थान में सुख समृद्धि का वास होता है इस यंत्र को चल अचल दोनों प्रकार से प्रतिष्ठित किया जा सकता है | जो घर सर्प व चांडाल से घिरा हो, उल्लू और कौवा जिस घर में रहे हैं तथा जिस घर में रात्री में मृत वाद करे, जिसमे स्त्रियों के झगडे होते हो अथवा अनेक प्रकार के उत्पाद होते हो वहां वास्तु यन्त्र अवश्य स्थापित करें |





शनि यन्त्र

clip_image002

श्रद्धापूर्वक इस यन्त्र की प्रतिष्ठा करके प्रतिदिन यन्त्र के सामने सरसों के तेल का दीपक जलाएं नीला या काला फूल चढ़ाये ऐसा करने से अनेक लाभ होता है | मृत्यु, क़र्ज़, मुक़दमा, हानि, क्षति पैर की हड्डी टूटना तथा सभी प्रकार के रोग से परेशान लोगो हेतु यह यन्त्र अति लाभकारी होगा यदि शनि की ढैया या साढ़े साती का समय हो तो इसे अवश्य पूजना चाहिए |
नोट :- कुछ लोग बाज़ार से अनुचित दामों पर यन्त्र खरीद कर घर ले आते है यन्त्र एक देव शरीर है इसे अभिमंत्रित वह प्राणप्रतिष्ठित करना जरूरी होता है, यह वही फर्क है जो एक मृत व्यक्ति अथवा जीवित व्यक्ति में होता है हमारे यहाँ आपकी जरूरत के अनुसार ११००० से १२५००० मंत्रो से अभिमंत्रित यन्त्र उपलब्द है/









महालक्ष्मी यन्त्र

clip_image002

इस यन्त्र की चल या अचल दोनों तरह से प्रतिष्ठा की जाती है रंक को राजा बनाने का सामर्थ्य है इसमें | सिद्ध होने पर यह यन्त्र व्यापार वृद्धि दारिद्र्य नाश करने व ऐश्वर्य प्राप्त करने में आश्चर्य जनक रूप से काम करता है | इस अभिमंत्रित यन्त्र का पूजन करने से माता लक्ष्मी वर्ष प्रयन्त उस स्थान में निवास करती है तथा अपने भक्तगणों को अनुग्रहित करती है |

नवग्रह यन्त्र

images

इस नवग्रह यन्त्र को चल या अचल प्रतिष्ठा करके धारण करने से अथवा पूजन करने से नवग्रहों का शीघ्र ही अनुकूल फल प्राप्त होने लगता है | एक मौलिक नियम यह भी है की जिस गृह पर पाप प्रभाव पड़ रहा हो उसको बलवान किये जाना  अभीष्ट है उससे सम्बंधित रत्न धारण करना अथवा यन्त्र रखकर वैदिक मंत्रो द्वारा अनुष्ठान किये जाने का भी नियम है |

नवदुर्गा यन्त्र

clip_image002

माँ दुर्गा के कई मूल मंत्रो को इस यन्त्र में समाहित किया गया है | मार्कडेय पुराण में नवदुर्गा के बारे में अनेक चमत्कारी प्रयोग बताये गए है जिनमे से एक नवदुर्गा यन्त्र है | नौ दुर्गा यन्त्र को घर, दुकान, वाहन, व्यापार, संस्थान आदि में स्थापित किया जा सकता है इस यन्त्र द्वारा शत्रु भय, रोग भय, चोर भय, प्रेत भय, बंधन भय आदि से छुटकारा पाया जा सकता है इस यन्त्र के अनेक लाभ है तथा उपासना विधि अत्यंत सरल है जिसे हर कोई करने में सफल हो सकता है और लाभ ले सकता है |

सर्वार्थ सिद्धि यंत्र

आकस्मिक आपदाएं जैसे आए दिन अस्पतालों एंव कोर्ट कचहरी के चक्कर जिस व्यक्ति के जीवन का हिस्सा बन जाएं, ऐसी अवस्था में उस व्यक्ति को “सर्वार्थ सिद्वि यंत्र” धारण करना चाहिए।इस यंत्र को धारण करने से जीवन में आने वाली सभी आकस्मिक समस्याआ से छुटकारा मिलता है।

रोग निवारण यंत्र

जिस व्यक्ति के शरीर में कोई ना कोई बीमारी लगी ही रहती हो या, एक बीमारी समाप्त होने के पश्चात् दूसरी बीमारी लग जाती हो। बहुत ईलाज करवाने के बाद भी बीमारी ठीक ना होती हो ऐसी अवस्था में उस व्यक्ति को “रोग निवारण यंत्र” गले में धारण करें।इस यंत्र को धारण करने के बाद लम्बे समय से चली आ रही बीमारियों से छुटकारा मिलता है।

सकल सौभाग्यकर यंत्र

यदि आप में योग्यता है फिर भी आप को अपनी योग्यता के अनुसार नौकरी नहीं मिल रही है या किसी नौकरी के लिए साक्षात्कार  (Interview) के लिए जाते हैं तो उसमें सफलता नहीं मिल रही हो तो उसके लिए उस व्यक्ति को “सकल सौभाग्यकर यंत्र” गले में धारण करना चाहिए।इस यंत्र को धारण करने के पश्चात् नौकरी में आने वाली सभी रूकावटों से छुटकारा मिलता है।

ऋण विमोचन यंत्र

ये यंत्र मुख्यत: कर्ज से मुक्ति पाने के लिए होता है।जिन लोगों की आमदनी अच्छी है और साथ-साथ काम करके धन कमा भी रहे हैं परंतु फिर भी कर्ज का बोझ कम नहीं हो रहा,दिनों-दिन कर्ज का बोझ बढ़ता ही जा रहा हो तो इसके लिए उस व्यक्ति को “ऋण विमोचन यंत्र” गले में धारण करना चाहिए।इस यंत्र को धारण करने के पश्चात् कुछ ही दिनों में कर्ज से मुक्ति मिल जाती है।

अष्ट सिद्विकर यंत्र

जिन लोगों के घर आए दिन किसी ना किसी बात को लेकर झगड़ा होता ही रहता है और झगड़ा बढ़ते-बढ़ते गृह-कलेश का रूप ले लेता है तो ऐसी अवस्था में उस व्यक्ति को “अष्ट सिद्विकर यंत्र” गले में धारण करना चाहिए।इस यंत्र को धारण करने के पश्चात् सास-बहु के झगड़े, नन्द-भाभी के झगड़े, एंव एक-दूसरे से मतान्तर ऐसे झगड़ो से छुटकारा मिलता है।

सकल कार्य साधक

यदि आपके व्यापार में किसी तरह की कोई परेशानी या रूकावट हो या फिर व्यापार ठीक ढ़ग से नहीं चल रहा हो तो व्यापार बढ़ाने के लिए उस व्यक्ति को “सकल कार्य साधक यंत्र” गले में धारण करना चहिए।इस यंत्र को धारण करने के पश्चात् व्यक्ति के व्यापार में बढ़ोतरी होगी और बिगड़े हुए कामों में सफलता भी अवश्य मिलेगी।

संतान प्राप्ति यंत्र

विवाह के बाद काफी समय बीत जाने के पश्चात् भी जिन लोगों को संतान की प्राप्ति नहीं होती या फिर संतान के संजोग बनते-बनते बिगड़ जाते हैं तो उसके लिए उन लोगों को “संतान प्राप्ति यंत्र” धारण करना चाहिए।इस यंत्र को धारण करने के पश्चात् जल्द ही संतान प्राप्ति के प्रबल योग बनेगें।

विद्या बुद्वि कवित्व यंत्र

जो बच्चे पढाई में कमजोर होते हैं या अत्याधिक परिश्रम करने के बाद भी पूर्ण फल ना मिलता हो तो ऐसी अवस्था में विद्यार्थी को “विद्या बुद्वि कवित्व यंत्र” धारण करना चाहिए।इस यंत्र को धारण करने से विद्यार्थी की स्मरण शक्ति बढेगी तथा बच्चे की बुद्वि का विकास भी होगा।इस यंत्र को धारण करने के बाद विद्यार्थी परीक्षा में अच्छे अंक लेकर उर्त्तीण होंगे और जीवन में सफलता पाएगें।

संकट निवारण यंत्र

जिन लोगों के विवाह में कई तरह की रूकावटें आती हों या विवाह के योग बनते-बनते रह जाते हों और रिश्ता होने के बाद टूट जाता हो तो ऐसी अवस्था में उस व्यक्ति को “संकट निवारण यंत्र” गले में धारण करना चाहिए।इस यंत्र को धारण करने से व्यक्ति के विवाह में आने वाली सभी बाधाएं दूर हो जाती हैं।

सर्व रक्षाकर यंत्रआपके छोटे बच्चे देखने में बहुत प्यारे हैं, इस तरह का बच्चा हर इंसान की नजर में आता है, थोड़ा स कुछ कहने पर उस बच्चे को नजर बहुत जल्दी लग जाती है चाहे वो बच्चा अपना ही क्यों ना हो, यदि कोई व्यक्ति ऊपरी हवा का शिकार हो जाता है या किसी ने जादू-टोना कर दिया हो तो उस व्यक्ति को “सर्व रक्षाकर यंत्र” गले में धारण करना चाहिए।इस यंत्र को धारण करने के पश्चात् ऐसी सभी समस्याआंे से छुटकारा मिलता है।

 

यन्त्र प्राप्त करने के लिए संपर्क करें-+919303037891

title

zClick to add text, images, and other content