Free Astrology

Blog

according to Ravan Sahitaप्रश्न ज्योतिष से विवाह का विचार - When I will get married - Horary

Posted on April 16, 2011 at 1:37 AM

विवाह कब होगा इस प्रश्न का विचार करने के लिए द्वितीय, सप्तम, तथा एकादश भाव में कौन से ग्रह हैं इनको देखा जाता है (The second and the seventh house should be assessed for marriage.).

ज्योतिषशास्त्र की इस विधा में विवाह का विचार सप्तम भाव के साथ साथ द्वितीय और एकादश भाव से भी किया जाता है. सप्तम भाव जीवनसाथी, संधि, और साझेदारी का घर होता है अत: विवाह के विषय में इस भाव से विचार किया जाता है. भारतीय दर्शन में विवाह को सम्बन्ध में वृद्धि की दृष्टि से भी देखा जाता है अत: एकादश भाव से भी विचार किया जाता है.  इन भावों के नक्षत्र कौन कौन से हैं. इन भावों के स्वामी के नक्षत्र में स्थित ग्रह. इन भावो के स्वामी तथा इन भाव में स्थित ग्रह के मध्य दृष्टि और युति सम्बन्ध को भी देखा जाता है. प्रश्न ज्योतिष में इन तथ्यों से विचार करते हुए सबसे अधिक नक्षत्रो को महत्व दिया जाता है.

 

प्रश्न ज्योतिष में विवाह के लिए शुभ स्थिति - Auspicious planets positions for marriage as per Prashna Jyotish

विवाह का कारक स्त्री की कुण्डली मे गुरू (Guru in girl's Kundali) और पुरूष की कुण्डली में शुक्र (Shuktra in boy's Birth Chart) होता है. प्रश्न ज्योतिष में विवाह का विचार करते समय पुरूष की कुण्डली में चन्द्र और शुक्र को देखा जाता है तो स्त्री की कुण्डली में सूर्य और मंगल को देखा है. प्रश्न कुण्डली के कुछ सामान्य नियम हैं जिनके अनुसार चन्द्रमा जब तृतीय, पंचम, षष्टम, सप्तम और एकादश भाव में होता है और गुरू, सूर्य एवं बुध उसे देखता है तो विवाह की शुभ स्थिति बनती है. अगर त्रिकोण स्थान पंचम और नवम तथा केन्द्र स्थान यानी प्रथम, चतुर्थ, सप्तम एवं दशम भाव शुभ प्रभाव में हो तो विवाह जल्दी होने की संभावना बनती है. लग्न में अगर कोई स्त्री ग्रह हो अथवा लग्न और नवम में स्त्री राशि हो तथा चन्द्र व शुक्र इन भावों में बैठकर एक दूसरे को देखते हों तब में घर विवाह का शुभ संयोग बनता है. प्रश्न कुण्डली मे लग्न का स्वामी और चन्द्र अथवा शुक्र सप्तम में स्थित होता है और सप्तम भाव का स्वामी लग्न में आकर बैठता है तो शहनाई गूंजती है.

 

प्रश्न ज्योतिष के अनुसार इसी प्रकार का अयोजन तब भी होता है जब प्रश्न कुण्डली के लग्न में गुरू (Guru in Lagna) और सातवे घर में बुध (Budh in seventh house) बैठा हो तथा चन्द्रमा अपने घर में हो, सूर्य दसवें घर में और शुक्र दूसरे घर में बैठा हो. अगर आप किसी से बहुत अधिक प्यार करते हैं और जानना चाहते है कि आपकी शादी उससे होगी या नहीं उस स्थिति में अगर प्रश्न कुण्डली में चन्द्रमा तृतीय, छठे, सातवें, दशवें अथवा ग्यारहवें घर में शुभ स्थिति में हो और सूर्य, बुध और गुरू उसे देख रहे हों तो शुभ संकेत समझना चाहिए. अगर ऐसा नहीं हो तब प्रथम और सप्तम स्थान के स्वामी एवं प्रथम और द्वादश भाव के स्वामी को देखना चाहिए. अगर इन दोनों भावों के स्वामी एक दूसरे के घर में स्थान परिवर्तन कर रहे हैं तब भी प्रेम विवाह की पूरी संभावना बनती है.

 


 


Categories: None

Post a Comment

Oops!

Oops, you forgot something.

Oops!

The words you entered did not match the given text. Please try again.

Already a member? Sign In

0 Comments